あらすじ
"डायरी का मुड़ा हुआ पन्ना" पुस्तक में संजय सक्सेना की फेसबुक पोस्ट का संग्रह है । हर व्यक्ति के जीवन में एक डायरी जरूर जुड़ी हुई है। जिसकी शुरुआत बचपन से होती है, और बुढ़ापे तक रहती है। बचपन में जो डायरी छात्र की व्यक्तिगत जानकारी एवं स्कूल की प्रार्थना के लिए एक दस्तावेज है। वही डायरी युवावस्था तक आते हुए विचारों को संधारित करने का माध्यम बन जाती है। उस डायरी में न जाने कितने ताने, उलाहने, फ़साने दर्ज हैं। उस डायरी में चिपकी हुई मिठास, बुढ़ापे तक मुंह को मीठा रखती है। किसी खास बात को दर्ज कर उसे पन्ने को मोड देना, एक आम रिवाज़ है। उस मुड़े हुए पन्ने के हवाले से ही जो कुछ फेसबुक पर लिखा है। उसी को पुस्तक में सहेजने की कोशिश की है।
ISBN: 9788196706784ASIN: 8196706782



