भारतीय सांस्कृति में पूर्व कालों से ही स्त्रीयों का स्थान बड़े ही महत्व का रहा है एवं उतनी ही मान मर्यादा में रहकर नारी जीवन संप सेवा से अनुप्रणित कर करप्रीती सहित पवित्र बनाने की चेष्ठा की है। मारी, आदिशसूती पतिव्रता अधानी वीरणना, उगृहणी इतिहास में सदैव अनुकरणीय रही है।