माता-पिता हमारी दुनियां पल-पल रक्षा करती।अवगत दुनियादारी से भी। प्रेम पूर्वक लालन-पालन अपनी गोद में स्वर्ग की अनुभूति कराती। एक नन्हा छोटा अबोध बालक से बड़ाकर ज्ञान गगरी संपन्न बनती । माता-पिता के रहते हैं ऋणी जीवन भर ।इसी का कुछ झलक माता-पिता के स्पर्श में निहित। कुछ इधर-उधर की भी बातें भी है।