あらすじ
नवोदय विद्यालय के पूर्व विद्यार्थी सुरेश राणा 'सुमेश' की यथार्थवादी कविताएं समाज के कटु-सत्य को अभिव्यक्त करती हैं।दिन-प्रतिदिन समाज में घटने वाले विषय इन कविताओं में सटीकता के साथ जीवंत होते हुए दृष्टिगोचर हुए हैं।कवि ने व्यक्तिगत, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक आयामों को बहुत ही सूक्ष्मता एवं सुंदरता से भावुक हृदय से उकेरा है।यह स्वाभाविक है कि इस काव्य-संग्रह का वाचन करके पाठक स्वयं को अपनी खट्टी-मीठी स्मृतियों से जुड़ा हुआ महसूस करेंगे। प्रस्तुत काव्य-संग्रह हम सभी की उन स्मृतियों का एक झरोखा है जो नटखट बचपन, अल्हड़ मस्त यौवन, छोटी-छोटी तकरार-मनुहार, अपनों से मिलन का सुखद अहसास और विदाई की वेदना आदि पक्षों को समेटे हुए हैं । हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार, राज्यपाल से सम्मानित सुरेश राणा 'सुमेश' की अनेक कहानियाँ, ग़ज़लें, कविताएं, शैक्षिक लेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित हो रहे हैं।इनके लेख और शोधपत्र शिक्षा विभाग, हरियाणा की मासिक पत्रिका "शिक्षा सारथी" में प्रकाशित हो चुके हैं।शिक्षाविद राणा ने कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में शोधपत्र प्रस्तुत किए हैं तथा उनका प्रकाशन भी हुआ है। सम्प्रति :- प्राध्यापक, शिक्षा विभाग हरियाणा सम्पर्क :- # 34/6, नजदीक न्याय का चबूतरा(मढाड़ 360)कलायत जिला :- कैथल, हरियाणा-136117 मो. :- 9466221282 Email:- Sureshkalayat@gmail.com