あらすじ
हिन्दी सहित्य में कल्पना और सत्य का मिश्रण को कभी व्यंग तो कभी स्वाभाविक शैली में पेश करने वाले लेखक है बद्रीनाथ साबत। समसामयिक दौर और समाजिक चलन का प्रतिक्रिया स्वरूप लेखन करते हैं बद्रीनाथ। इस संग्रह में बद्रीनाथ जी की चुनिंदा कहानियां शामिल हैं। यह कहानियां हमारी दुनिया और उसकी समाजिक सच्चाइयों का ऐसा बयान है, जिसकी कड़वाहट पर भरोसा किया जा सकता है। समाजिक कुरीतियों के साथ - साथ बद्रीनाथ ने अपने अनुभवों को भी इसमें शामिल किया है। इन्सानी वजूद और इंसानियत के हक में ज़रूरी चीज़ों को इन कहानियों में बेबाकी, व्यंगात्मक लहजे के साथ, चरित्रों का स्वाभाविक विकास शब्दों का बेहद किफायती इस्तेमाल करके अपनी रचना को कलात्मक ऊंचाई देना बद्रीनाथ की खास खूबियाँ हैं। इन कहानियों में लेखक खुद को सम्मिलित करके एक प्रयोग भी किये हैं। जो इसको अनोखा बनाता है।
ISBN: 9789388797962ASIN: 9388797965



