あらすじ
शहीदों की धरती यह संकलन उन शहीदों और देशभक्तों की शहादत में फूल रूपी शब्द अर्पित करता है जिनका अपनी धरा मां भारती के प्रति अगाध प्रेम और समर्पण रहा है सम्पूर्ण देशवासियों को अपना परिवार , स्वतंत्रता को अपना पिता और जेलखाने तक को अपना घर कहकर चन्द्र शेखर आजाद ने अपना परिचय अंग्रेजों को दिया था। उनके ही जैसे कई क्रांतिकारी जो हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल गये। कई विरांगनाओं ने भी अपना खून इस धरा को देकर यहां का कोना कोना सिंचा है, चाहे मुगलों का शासन रहा है या अंग्रजों का, चाहे कुरीतियों से लडना पड़ा हो या महाजनों से , हर प्रकार से देश और वहां की जनता को स्वतंत्र होने का आनंद मिला। जो उनके बलिदानों को सफल बनाता है। और अब वही सैनिक देश की सीमाओं की पर दिन रात खड़ा है हमारे प्राणों की रक्षा में , इस कथन को इस प्रकार समझ सकते हैं कि वह हमें आजादी दे रहा है अगर कोई न देता सीमा पर पहरा, तो सबके मन में आतंक का खौफ होता , कोई भी आजादी पूर्वक जीवन न जी पाता। इस धरा को नमन है जो कई वीर विकसित कर हमें संरक्षण देती है।