सर्वप्रथम मैं भगर्ान भोलेनाथ को धन्यर्ाद करना चाहता हूँ, जिनके कृ पा से मैं इस संग्रह के कार्व को ख्वाब से धरातल पर ला पार्ा। साथ ही साथ मैं अपने माता जपता और गुरुिनो का भी आभारी हूँ की र्ो हमे इस र्ोग्य जकर्े की हम र्ह कार्व कर सके । और इसी के साथ WORDSMITH PUBLISHSER को भी आभार व्यक्त करता हूँ। इसी कडी मेअपने सह संकलक पूिा को भी सहृदर्ूँ धन्यर्ाद करूँ गा क्योजक उनके सहर्ोग के जबना र्ह संकलन अपने नाम को ही पररभाजित कर िाता। और अपने कलम को जर्राम देते हुए सभी कजर्र्ो सार्रो और लेखको का भी तर्े जदल से शुजिर्ा अदा करता हूँ । सधन्यर्ाद पररतोि जतर्ारी संकलक