あらすじ
डॉ. चन्द्रभाल सुकुमार वरिष्ठ साहित्यकार एवं पूर्व न्यायाधीश 22 हिन्दी गजल-संग्रह, 14 कविता-संग्रह, 1 काव्य-नाट्य, दो गीत-संग्रह, 1 काव्यानुवाद (मेघदूत), आत्मकथात्मक संस्मरण ‘लग गई तारीख़’ एवं ललित आलेखों का एक संग्रह ‘गंगा पर बारिश’ अब तक प्रकाशित उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान सहित अनेक साहित्यिक संस्थाओं द्वारा समादृत, सम्मानित एवं पुरस्कृत। सुबह उठने में देर हो ही जाती है दरअसल देर से सोने का नतीजा है यह मगर क्या अपने वश में है सोना-जागना बस में तो यह भी नहीं था मगर लिख ही दी मैंने यह सुन्दर-सी कविता थोड़ा जिद्दी हूं न मैं! - इसी संग्रह से
ISBN: 9789355351609ASIN: 9355351607