Yahaan Abhi Andhera Hai
あらすじ
ISBN: 9788197383236ASIN: 8197383235
"यहाँ अभी अँधेरा है "(लघुकथा संकलन) में छियानवे (९६) लघुकथाएं हैं। सामाजिक, राजनीतिक, चारित्रिक मूल्यों में हो रही निरंतर गिरावट, सरकारी अमलों में व्याप्त भ्रष्टाचार, आडंबर, छल-प्रपंच आदि प्रवृतियों का उद्बबोधन इनके मूल हैं। इन लघुकथाओं को पढ़कर आपको प्रतीत हो सकता है जैसे आप स्वयं उसके पात्र हैं या आपके आसपास की लघुकथाएं हैं। यदि किसी व्यक्ति के नाम, स्थान और घटनाएं आंशिक रूप से भी मेल खा रही हो, तो यह महज संयोग समझा जाए। हमारा उद्देश्य मानवता और मानवीय संवेदनाओं से रुबरु कराना है, किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं।