प्रेरणा स्रोत पहले दिन आदमी-औरत स्वर्गवास हो गया है मेरी तरफ से यह पुस्तक उन सब को श्रद्धांजलि है ताकि वह इस पूरे विश्व में कहीं भी जन्म ले, यह पुस्तक उनके काम जरूर आएगी जो आदमी-औरत इस धरती पर जीवित है। उन सब को मेरा बहुत-बहुत धन्यवाद है। लेखक : वीर विक्रमाजीत राव सूर्यवंशी