Kasak Dil Ki / कसक दिल की
Dr.AtulMalikram
あらすじ
'कसक दिल की' अतुल मलिकराम द्वारा लिखित 'दिल से...' किताब का पाँचवाँ संस्करण है। लेखक के विचारों से ओतप्रोत यह किताब राजनीति, शिक्षा, प्रेरणा, समाज, संस्कृति और व्यवसाय जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल करती है। 'कसक दिल की' के लेख समाज की उधेड़-बुन, देश में शिक्षा क्षेत्र में बदलाव की जरुरत, प्रेरणादायी जीवन, राजनीतिक उठा-पटक, व्यापार आदि को नई दिशा देने के प्रयासों पर आधारित हैं। इस किताब को लिखने का उद्देश्य समाज के प्रति लेखक के अनूठे विचारों और दुनिया को देखने के नज़रिए को पाठकों के सामने पेश करना है। समाज को लेकर अलग नज़रिया रखने वाले करोड़ों लोग, जो अपनी बात को शब्दों में नहीं पिरो पाते हैं, यह किताब उनके विचारों जाग्रत करने का काम बखूबी करती है। बात शिक्षा की हो या कलयुग में इंसानियत के बदलते रवैये की, लोकसभा चुनाव की सरजमीं में उथल-पुथल की हो या व्यवसाय को सफलता दिलाने के लिए नए तरीकों को अपनाने की, पूरी दुनिया में प्रसिद्ध भारत की सदियों से चली आ रही संस्कृति और संस्कारों को चक्की में पिसते देखने की हो या देश को आगे बढ़ाने में युवाओं के महत्वपूर्ण योगदान की, इस पुस्तक में शामिल हर एक लेख भावनाओं और विचारों का काफिला साथ लिए चलता है। अपने प्रेरणादायक लेखों के माध्यम से समाज को नए विचार देने का साहस रखने वाली यह किताब पाठकों के दिलों को गहराई से छू लेने का वादा करती है।