नायक नायिका से दूर रह कर क्या अनुभव करता है? क्या सोचता है? उसके मन और हृदय पर क्या बीतती है? उसके अंतस में क्या भाव उठता है? इन्हीं सब विषयों को लेकर पुस्तक की रचना की गई है. पुस्तक की एक-एक कविता में वियोग की पराकाष्ठा दर्शाने का प्रयास किया गया है.
ISBN: 9789391176655ASIN: 9391176658