あらすじ
कैकसी और विश्ववसु का प्रथम पुत्र था रावण। ब्रह्माजी के पुत्र पुलस्त्य रावण के पितामह थे। कुंभकर्ण और विभीषण रावण के भाई थे। इनकी एक बहन थी शूर्पनखा। रावण का दस शीर्ष के साथ जन्म हुआ था। उसे ब्रह्मजी से वरदान प्राप्त था की वह नर और वानर को छोडकर किसी अन्य से उसकी मृत्यु नहीं होगी। इससे रावण और शक्तिशाली तथा गर्विष्ठ होगया। उसने देवताओं को बंदी बनाकर अपने महल में दास बनादिया। बहन शूर्पणखा को राम-लक्ष्मण द्वारा हुई अपमान के बदले सीतापहरण किया। वेदवती के साथ अनुचित व्यवहार करके श्रापग्रस्थ हो गया। अपने ही भाई से लंका राज्य और पुष्पक विमान दोनों को छीनकर उसे राज्य से भगादिया। फिर श्रीराम के साथ युद्ध में रावण का संहार राम से होगया। Our other books here can be searched using #BharathaSamskruthiPrakashana
ISBN: 9789389020847ASIN: 9389020840




























































