प्रेम अभिव्यक्ति के लिए, शब्दों का दास नहीं......!!’’ भाषा सम्प्रेषण का माध्यम है सिर्फ, शब्दां से सम्पूर्ण अभिव्यक्ति संभव नही.....! मैं आपकांे क्यांे चाहती हूँ मुझे मालूम नहीं, ह्नदय से निकलती है, कुछ असहाय सी तरंगें! जो पहुँचती है आप के भीतर और लौटती है, यह संदेश लेकर कि एक प्रेमाकुँर विकसित हो रहा है........!