あらすじ
सम्राट् अशोक हमारे देश के महान् शासकों में एक था। वह मगध के सम्राट् चंद्रगुप्त मौर्य का पौत्र और बिंदुसार का पुत्र था। उसकी माता का नाम सुभद्रांगी था; जो चंपकनगर के एक गरीब माता-पिता की पुत्री थी। बचपन में अशोक बहुत चुस्त और शरारती प्रवृत्ति का बालक था। उस समय शिकार खेलना राजाओं और राजकुमारों का प्रिय खेल था। अशोक भी बचपन से शिकार खेलने में बहुत रुचि लेने लगा था। धीरे-धीरे वह शिकार में पूरी तरह निपुण हो गया। कुछ बड़ा होने पर उसने अपने पिता बिंदुसार के साथ प्रशासन के कार्यों में हाथ बँटाना शुरू कर दिया। वह अत्यंत साहसी और बहादुर राजकुमार था। प्रशासन के कार्यों में सहयोग करते समय वह राज्य की प्रजा के कल्याण का सदैव ध्यान रखता था। उसके इन गुणों से प्रभावित होकर प्रजा भी उसे बहुत चाहने लगी। बिंदुसार ने भी उसकी योग्यताओं को पहचान लिया था। अतः उसने अशोक को अवंति का शासक बना दिया। उस समय अशोक की आयु बहुत कम थी।



































