あらすじ
कविता लेख मे जो भी लिखा गया है वर्तमान समय मे लोग आज की भागदौड़ की जिंदगी मे प्रकृति के साथ पक्षियों के कोलाहल के साथ साथ उनके कलरव के महत्व को ही भूल चुके है |नव युवाओ मे नव ऊर्जा से समाज के प्रति स्वाभाविक प्राकृतिक आत्म स्वाभिमान, सामाजिक लगाव निर्माण करना, सामाजिक समानता संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता, मानवीय अधिकारों के प्रति जवाबदेही के साथ जिम्मेदारी, नैतिक मूल्यों का विकास, वर्तमान समाज मे नव चेतना जाग्रत करने वाले युवाओ को सामाजिक विकास मे अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए दिकू जांगड़ी के द्वारा होने वाले अत्यचार के प्रति समाज को सचेत करना, युवाओ मे सामाजिक नई चेतना नई क्रांति द्वारा जीवन संघर्ष के लिए तैयार करना है, जिंदगी के संघर्ष मे संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो पूरी कोशिश राही द्वारा की गई है | धड़कने सागर की लहरे बदलते भारत की तस्वीरें, एक कदम गाँव की ओर, एक प्रयास एक कदम आजादी की ओर आत्म निर्भर गाँव और प्रदुषण मुक्त भारत की ओर पर्यावरण और आर्थिक विकास की ओर, पर्यावरण के संरक्षण की ओर, प्रकृति के संरक्षण मे नये लोगो के साथ विकास के लिए एक छोटा सा प्रयास , कविताओं मे जो भी लिखा है किसी व्यक्ति जाति विशेष या समाज की धार्मिक आस्था या धार्मिक भावनाओ से कुछ भी सम्बंधित नहीं है, सामाजिक हित मे सामाजिक धारा मे नव युवाओ को जुड़ो जोड़ो जुड़ेंगे जोड़ेंगे के अभियान के अंतर्गत राष्ट्र हित मे सेवा भाव से राष्ट्र निर्माण कर सके आत्म निर्भर भारत का सन्देश पहुंचाने के लिए एक छोटा प्रयास है | जो कुछ भी लिखा है आदरणीय पूजनीय डॉ बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर और बिरसा मुंडा आदरणीय माता पिता श्रीमति मंगरु मोहनलाल भैय्या लाल बेठे नाना नानी रतिराम सुकी बाई अखंडे दादी दादा श्रीमति पिकोला भैय्यालाल जिंदु बेठे, पितृो व मुठवा बाबा काला बाबा के आशीर्वाद से हीं संभव हो सका है , पूजनीय गोमेज स्वरूप प्रकृति तत्व मे विलीन प्रकृति स्वरूप कुल गोमेज रामा जिंदु भैया अपने पूर्वजों को समर्पित करता हूँ |