“कल्पना के परे” पुस्तक एक कला दस्तावेज कॉफी टेबल बुक है। इस कॉफ़ी टेबल बुक में डॉ. राकेश कुमार मौर्य की कला सफर और उनके जीवनकाल की साधना को दर्शाया गया है। कुदरत की रचाई हुई एक छोटी सी रचना को दिव्य ऊर्जा मिलते ही धीरे धीरे बड़े स्रोत में रूपांतरित होती है। जैसे कि कोई एक छोटा झरना नदी से मिलता है और वह नदी समुद्र से मिलती है तो समुद्र का विशाल रूप में रूपांतरित होता है वैसे ही डॉक्टर राकेश कुमार मौर्य का जीवन झरने से लेके समुद्र बनने तक का सकारात्मक सफर दर्शाया है। जिसमे उनके द्वारा निर्मित की गयी हुई मूर्तिकला(कलाकृति), स्कल्प्चर, स्केचिंग एवं पेंटिंग की फोटो दर्शाई गयी हुई है। डॉ राकेश कुमार मौर्य कला शिक्षक के साथ कला साधक है। इस पुस्तक के संपादक स्वप्निलआचार्य हे। यह कला दस्तावेजी पुस्तक हमारी आने वाली पेढ़ी के लिए उपयोगी एवं मार्गदर्शिका का काम करेगी.