यदि आप राजा दिग्विजय सिंह को नहीं जानते... ...तो आप 1857 की क्रांति और लखनऊ के इतिहास के सबसे बड़े सच से अनजान हैं! यह कहानी है उस विस्मृत योद्धा की, जिसने अपनी तोप से रेज़िडेंसी में ब्रिटिश दंभ के स्तंभ, हेनरी लॉरेंस को ध्वस्त किया। लेकिन अपनों के विश्वासघात ने उन्हें पहुंचा दिया काला पानी। यह काला पानी उनकी आग को बुझाने के लिए काफी नहीं था। ऐसा योद्धा बलभद्र सिंह चहलारी, राजा जियालाल, मम्मू खान और हज़ारों वीरों का बलिदान कैसे भूल पाता। फिर वो दिन आया, वायसराय लॉर्ड मेयो निरीक्षण के लिए अंडमान पहुँचा... संघर्ष, समर्पण और प्रतिशोध की एक अनसुनी कहानी।