あらすじ
आज कल हम सब देखते है की हर कोई अपने पार्टनर को सोलमेट कहता है और कहता है कि यही मेरा सच्चा प्यार है । चाहे वो गर्लफ्रैंड हो या बॉयफ्रेंड । लेकिन जैसे ही उनका किसी कारण ब्रेकअप हो जाता है तो दोनों एक दूसरे को गाली देने लग जाते है, ब्लैकमेल करने लग जाते है। क्या आपको लगता है ऐसे Soulmate होते है ? मुझे नही लगता है। शायद ही हम सब को लगे कि हम जिसके साथ है वही हमारा Soulmate है तो शायद हम गलत हो सकते है । मुझे ऐसा लगता है कि Soulmate मतलब आत्मा का दोस्त जो हम नही चुन सकते । जो हमारा Soul खुद उसे पहचानता है । अगर नही पहचान पाता तो नियति बार बार उससे टकराता है। अब इसका मतलत ये नही की वो आपके घर के बगल के हो, आपके स्कूल, कॉलेज या आफिस के हो क्योंकि इनसे आप रोज टकराओगे । Soulmate सिर्फ इतेफाक से टकराते है। जंहा कोई उमीद न हो जैसे मान लीजिए आप दोनों एक स्कूल में जाते हो। लेकिन किसी कारण आप हॉस्पिटल चले गए और वहाँ जाने के बाद आप देखे की वो शख्स पहले से वहां है ऐसा बार बार होने लगे तो शायद वो शक्स Soulmate हो सकते है। और Soulmate के रिश्ते इतने आसानी से नही टूटते और टूटते है तो जुड़ते ज़रूर है भले ही वक्त लग जाये। Soulmate कब , किससे, कंहा कैसे मिलेंगे ये सिर्फ नियती तय करता है, हम नही । इस किताब की सभी कहानी को पढ़ने के बाद आपको पता चल जाएगा कि नियति कैसे दो लोगो को मिलाने का प्लान करता है । मुझे उमीद है कि आपको सारी कहानीया बहुत अच्छे लगेंगे ।