यह एक संकलन पुस्तक हैजिसका शीर्षक - 'हम आिाद है?' है। इस पुस्तक के संकलनकर्ाष"बासुदेव गोयल" और "जदजपका ए एस" है। इस पुस्तक को 51 सेअजिक सह - लेखकोंनेजमलकर प्यारा - सा रूप देने की कोजशश की है,इस जकर्ाब मेआिादी के इर्नेसाल बाद भी क्या वाकई हमेआिादी जमली है- इस पर जलखा है। कई वीरोंनेअपनेप्राण भी न्योछावर कर जदए अपनेवर्न पर। जिर भी हम अपनो के ही िाल मेकै द है। वो कभी हमारेबीच बंटवारेकी लकीर खींचर्ेहै, र्ो कभी िमष के नाम पर लडार्ेहै।