あらすじ
यह मेरी तीसरी पुस्तक है।इसके पहले दो पुस्तक 'मेरी श्रेष्ठ कहानियां' और 'गागर में सागर' पिछले वर्ष प्रकाशित हुई थी। इस कहानी संग्रह में मैंने अपनी 10 श्रेष्ठ कहानियां दी है जो पिछले 5-6महीने में लिखी गई है। इसके अलावा इस पुस्तक में विभिन्न अंतराल पर लिखे गए चुनिंदा पांच रचनाएं भी सम्मिलित है। इसी गर्मी में हमें कश्मीर घूमने का मौका मिला था। बर्फ से ढके पहाड़, खूबसूरत झीलें, बर्फीली हवाओं का आनंद लेते हुए पर्यटक, धरती से निकले और बर्फ से पिघले हुए साफ-सफ्फार पानी के झरने, लजीज फलों से लदे हुए पेड़, महकते हुए फूलों से लदी क्यारियां, कमल पत्तों से सजे नगीन झील पर चांदनी रातों में शिकारे का सफर, छोटे से घर के शक्ल के हाउसबोट और हाउसबोट के शक्ल के मकान, डल झील में सुंदर-सुंदर सजे हुए एक पंक्ति में लगे हाउसबोट एवं झील में चलती अनेकों रंगीन शिकारे, लाल-लाल गालों वाले खिलखिलाते हुए बच्चे, कश्मीरी हसीनाओं का शर्मिला और लजीला स्वभाव, नौजवान मर्दों का शानदार डीलडौल और उस कश्मीरी फ़कीर का फारसी में कहा गया यह शेर - गर फिरदौस बर रुए ज़मीं अस्त हमीं अस्त, हमीं अस्त, हमीं अस्त अर्थात्, धरती पर कहीं स्वर्ग है, तो बस यहीं है, यहीं है,यहीं है यह सब यात्रा वृतांत मे पढेंगे। आशा है, यह पुस्तक पाठकों को पसंद आएगी।