あらすじ
नारक्रो, छद्म वेश में एक पत्रकार बनकर उतरा है देवभूमि मुक्तेश्वर में अपने अगले नरकादेश की पूर्ति हेतु। इस बार उसका लक्ष्य है जरासंध जागीरदार, एक क्रूर, निर्दयी नरपिशाच जो बेजुबान वन्य जीवों की हत्या कर उनके मांस और अंगों की तस्करी करता है। किन्तु नियति की लेखनी कुछ और ही रच रही थी…जब नारक्रो ने मुक्तेश्वर के लोगों की धड़कनों को सुना, तो उसमें व्याप्त मिला एक भय, एक नरभक्षी बाघ का भय, जो न धर्म जानता है, न भूख, बस रक्त की प्यास जानता है। एक हृदय विदारक घटना, एक झकझोर देने वाली चीख और फिर नारक्रो ने लिया संकल्प, एक नया आखेट। किन्तु देवताओं की यह भूमि उस बाघ से कहीं अधिक भयावह रहस्यों को छुपाए हुए है। अब नारक्रो जिस पथ पर अग्रसर है, वह केवल एक शिकार नहीं, बल्कि उस सत्य की ओर है जिसने इंसान और जानवर के बीच का भेद मिटा दिया है।
ISBN: 9789334407501ASIN: 9334407506