あらすじ
कुछ अपनों की, कुछ लखनऊ की, कुछ दुनियादारी की, कुछ दिल से निकली है और पाठकों के दिल तक पहुँचानी है, यही इस किताब की कहानी है । - निवेदिता रॉय मेरी कविताएँ, नज़्में, रचनाएँ उन जज़्बातों के इज़हार-ए-बयान हैं जो हम सभी अपनी ज़िंदगी में महसूस करते हैं। उम्मीद है कि मेरे शब्द पाठकों से संवाद रचेंगे और उनके दिल तक पहुँच पायेंगे । - सुदीप देशपांडे हमारे प्रकाशक, पफ़िन्स पब्लिशर्स का धन्यवाद, जिन्होंने हमारी इस किताब के प्रकाशन के काम को बख़ूबी निभाया है और अपना पूरा सहयोग दिया है। पाठकों का कोटिशः धन्यवाद जिन्होंने अभी तक की हमारी हर किताब को सराहा है और अपना स्नेह दिया है। हमारा अनुरोध है कि हमारे पाठक इस किताब पर भी अपना प्यार लुटाएँ और जो जज़्बात दिल से निकले हैं उन्हें दिल से स्वीकार कर लें।
ISBN: 9788196336431ASIN: 8196336438