あらすじ
अदृश्य आत्मीय प्रेम के साथ एक ऐसी यात्रा जो भावनाओं और समझ के अमूर्त धागों से बुनते हुए, मूर्त से आगे निकल जाती है। यह एक ऐसा रूहानी इश्क़ है जो सतह से परे, एक दूसरे की आत्मा की गहराई तक जाता है। हालांकि ये पथगामी दिखाई नहीं देता है, लेकिन उसके प्रेम का मौन इजहार और उसकी मौजूदगी आती जाती सांस के साथ में महसूस की जाती है जो दिलों को खूबसूरती से गहराई से एक साथ बांधती है। अदृश्य पथगामी किताब में इंतजार, विरह, और स्मृतियों को दर्शाया हैं। इसमें समर्पण और विरह की कविताएँ है, जो उस अदृश्य संगी के साथ को बिछड़ने जी बाद भी महसूस कराती है। अदृश्य पथगामी, जो साए की तरह साथ हैं, मार्गदर्शक भी, सिर्फ़ सुनहरे सुख का साथी ही नही वरन वह अंधकारी समयों में भी हमारे साथ चलता है, अपनी आत्मा के बंधन में बांध कर हर कदम पर साथी बनाता है, जैसे मीरा ने साये की तरह कृष्ण का साथ महसूस किया था। यह पथगामी हमें प्रेम के अनूठे संसार में ले जाता है, हमें कायनात की खूबसूरती महसूस कराताहै जो हमारे दृष्टिकोण को नये आयाम देता हैं। इस तरह अदृश्य पथगामी का हर कोण एक रहस्यमय सागर है, जो हमारी आत्मा के सबसे गहरे संवेदनाएं छुपी होती हैं उसे उकेर कर बाहर लाता अदृश्य आत्मीय प्रेम के साथ एक यात्रा भावनाओं और समझ के अमूर्त धागों से बुनते हुए, मूर्त से आगे निकल जाती है। यह एक ऐसा संबंध है जो सतह से परे, एक दूसरे की आत्मा की गहराई तक जाता है। हालांकि यह हमेशा दिखाई नहीं देता है, लेकिन इसकी उपस्थिति दयालुता के आदान-प्रदान, दिए गए मौन समर्थन और अनकही समझ में महसूस की जाती है जो दिलों को खूबसूरती से गहराई से एक साथ बांधती है।