संसार में जितने मानवीय संबंध हैं उनमें सबसे विचित्र है पति-पत्नी संबंध। इस पर हजारों उपन्यास लिखे गये लेकिन पति-पत्नी के इन्द्रधनुषी संबंध के सातो रंग इसलिए मुश्किल हैं कि मानवीय आयाम के नीचे अंतरंग दाम्पत्य जीवन का छिप जाना स्वाभाविक है। लेकिन कुछ ऐसे कथाशिल्पी आगे आये जिन्होंने दाम्पत्य जीवन की विचित्रताओं को सविस्मय देखा लेकिन उनके विश्लेषण का प्रयास नहीं किया। बिमल बाबू ने ऐसा ही किया है।