あらすじ
गीत संग्रह “अभी कुछ ख़्वाब बाकी हैं” में जीवन के दर्शन को बहुत ही आसान एवं लयबद्ध तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। मुझे आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि मेरे गीत एक आम आदमी के जीवन में कभी न कभी उसके दिल के पास से अवश्य गुजरी होगी। मेरा ये गीत संग्रह लोगों को उनके ख़्वाबों को पूरा करने में एक साधन का कार्य करेगी साथ ही कोई व्यक्ति अपने ख़्वाबों को पूरा करने में किन-किन कठिनाइयों, बाधाओं से होकर गुजरता है उसका भी एहसास करायेगी। मैंने अपने गीत संग्रह में इसे कुछ इस प्रकार लिखा है कि जीवन का पथ संघर्षों से भरा हुआ है। कोई भी संघर्ष तभी सफल होता है जब वह सही पथ की ओर अग्रसर होता है यदि मन में भक्ति का भाव एवं हृदय में सभी के प्रति अपनेपन का भाव रहेगा तो जीवन की सारी बाधायें स्वतः समाप्त हो जायेंगी उन्हीं भावों को मैंने कुछ यूँ लिखा है - मन से अभिमान मिटेगा जब प्रभु के दर्शन हो पाएगा पतवार थमा दो गणपति को नैया भव से तर जाएगा



