あらすじ
प्यार. एक बेहद खूबसूरत एहसास | कहते हैं, पहला प्यार हर किसी की ज़िन्दगी में सबसे हसीन यादगार की तरह होता है। जब इसे सच्चे दिल से निभाया जाए , तो रिश्तों के साथ साथ ज़िन्दगी भी बहुत ख़ूबसूरत हो जाती है। खुद को बदनसीब समझने वाली स्नेहा, क्या समझ पायेगी इसका एहसास। कहते हैं न. दोस्ती ही प्यार है | स्नेहा को बचपन से ही सच्चे दोस्त के रूप में मिला राजीव ,क्या होगा उसका पहला प्यार ? कैसे होगी स्नेहा के दिल में प्यार की दस्तक , कौन और कैसा होगा उसके सपनो का राजकुमार ? जब अपनों से नफरत मिले , क्या ढून्ढ पायेगी वो गैरों में अपनापन ? रिश्तों की उधेड़ बुन को समेटती, यादों का कड़वा घूंट मन में लिए , जवानी की देहलीज़ पे कदम रखते ही किससे होगा उसका सामना , जानने के लिए सुनिए सकारात्मकता और रोमांच से भरी ---'पहला प्यार’
ISBN: 9789391145040ASIN: 9391145043