यह किताब मेरे कमजोर वक्त की कृति है और मुझे यह कहने मे जरा सा भी संकोच नहीं है कि मेरा वक्त कमजोर था मै नहीं मै अपने लक्ष्य को लेकर अडिग था मुझे पता था ये वक्त है आज नहीं तो कल बीतेगा ही! जिस तरह मै अपने कमजोर वक्त से ताकतवर बनके वापस लौटा उसी प्रकार मै चाहता हूँ कि आप भी अपने कमजोर वक्त से लड़े, गिरे पर हार नहीं माने! आने वाला अगला सूरज आपका होगा!!