あらすじ
रोहित कुमार की लघुकथाओं के इस तीसरे संग्रह की एक अलग पहचान है और इसमें समाज के उपेक्षित और तिरस्कृत वर्ग के साथ एक गंभीर संवाद पैदा करने की क्षमता है। जहाँ इस संग्रह की कृतियाँ रुचि से भरी हुई हैं, वहीं वे हमारे मन को समाज के गलत तत्वों के प्रति घृणा से भर देती हैं और वेश्याओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाने और उनके भाग्य को समझने में भी हमारी मदद करती हैं। यह संग्रह यह सवाल भी उठाता है कि महिलाओं को इस तरह के पेशे में क्यों आना पड़ता है। उनके नारकीय जीवन के लिए कौन जिम्मेदार है? पंजाबी मिनी स्टोरी के क्षेत्र में इस तरह के संग्रह का स्वागत किया जाना चाहिए। रोहित कुमार से समाज के हर वर्ग की पीड़ा को अपनी कलम की आवाज़ देने की उम्मीद भी की जा सकती है।
ISBN: 9789390963713ASIN: 9390963710

