SanjayKabirdasTandekarसंजय"अश्क"बालाघाटी
"ये आँसू, ये दर्द, ये बेकरारी और ये तन्हाई सब दीवानों की तरह मोहब्बत करने का नतीज़ा है। वो होकर मजबूर हमारी जिंदगी से चले गये आजकल उनका रहना हमारे ख्यालों मे होता है।।