सुख-दुख के बहुमूल्य रगों से अलंकृत है हमारा जीवन, ये चाहे अनचाहे फल ही तो जीवन जीने का हौसला और जीवन यात्रा को सार्थकता प्रदान करते है। जीवन के उबड़ खाबड़, सुनहरे पथरीले, चाहे अनचाहे अनुभवों को काव्य पक्तियों में सजोने का लघु प्रयास है यह काव्य-संग्रह। कोई भी पथ हो. कैसा भी मंजर हो, पथिक तो निरंतर प्रयासरल होते है । प्रत्येक सम विषम परिस्थितियों में भावनाओं के भवर में फसकर भी संघर्ष करने और जीवन सालों का सम्मान करने का नाम है...""जिंदगी फिर भी मुस्कुराती है...""