あらすじ
इस “अ – ज्ञ तक GK मंथन ( राजस्थान प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु)” पुस्तक को तैयार करने की प्रेरणा मुझे लंबे समय से रही है। जैसे हम गीतों का अंत्याक्षरी खेल खेलते हैं, उसी प्रकार मैंने सोचा कि क्यों न सामान्य ज्ञान को भी वर्णमाला के आधार पर सरल और रोचक ढंग से प्रस्तुत किया जाए। इसी विचार ने इस पुस्तक का रूप लिया। सबसे पहले, मैं अपने माता-पिता का हृदय से धन्यवाद करती हूँ, जिनके आशीर्वाद और विश्वास ने मुझे हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। विशेष आभार मैं अपने जीवनसाथी का व्यक्त करती हूँ, जिनके सहयोग और निरंतर प्रोत्साहन ने इस पुस्तक के लेखन की यात्रा को संभव बनाया। मैं अपने परिवारजनों और मित्रों की भी आभारी हूँ, जिन्होंने हर समय उत्साहवर्धन किया और इस कार्य में मेरा साथ दिया। अंततः, मैं अपने पाठकों का हृदय से आभार प्रकट करती हूँ। आपकी रुचि और विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है।