"मेरे गुमनाम गीत" जितेश 'जीवंत' की एक संवेदनशील और भावनात्मक काव्य-संग्रह है, जो अनकहे जज़्बातों, अधूरी यादों और गूंजते एहसासों की खूबसूरत बुनावट है। यह पुस्तक उन गीतों की तरह है, जो दिल में बजते हैं मगर कभी सुने नहीं जाते। शायरी और कविता के माध्यम से लेखक ने प्रेम, पीड़ा, उम्मीद और इंसानियत की भावनाओं को गहराई से छुआ है। कवर पर लिखी पंक्तियाँ—"दुश्मनों से भी दोस्ती का कोई ज़रिया निकाला जाए..."—इस संग्रह की सोच और भावना को बखूबी दर्शाती हैं। यह किताब दिल से निकले गीतों की सच्ची अभिव्यक्ति है।