あらすじ
रमेश कुमार सेना से सेवानिवृत्त सैनिक हैं। दक्षिण भारत के निवासी हैं। वे हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में लिखते हैं। यह संकलन “मेरी आवाज़ सुनो” उनका पहला प्रकाशित प्रयास है। उनकी कविताएँ पत्रिकाओं और anthologies में प्रकाशित हो चुकी हैं। इस संकलन में उन्होंने जीवन से संघर्ष के अलावा स्नेह, मोहब्बत और इश्क़ की अनेक परिस्थितियों, अनुभूतियों और पहलुओं को उकेरा है। उनका मानना है कि कविता की विधा आम लोगों की चहेती विधा बन गई है। इसे सरल और सहज बनाकर ही इसे आम किया जा सकता है। यह प्रयास उनकी कविताओं में दिखाई देता है। उनकी अधिकांश रचनाएँ जीवन की वास्तविकताओं के बहुत क़रीब हैं। उम्मीद है यह किताब एक कामयाब प्रयास साबित होगी।
ISBN: 9789364024235ASIN: 9364024230
