あらすじ
कालिदास से तुलसीदास तक एवं प्रेमचंद से शरतचंद तक सभी ने प्रेम को केंद्र में रखकर साहित्यिक रचना की है। जहां सूफी संतों ने प्रेम को भक्ति का मार्ग बताया है, वहीं मीराबाई ने भी प्रेम को भक्ति का मार्ग बताया है। किसी-किसी ने तो दो मिनट के प्यार को भी प्यार माना है। इस पुस्तक में प्रेम की उस ऊँचाई को सरलता से नए अंदाज में, नए ढंग से लिखने का प्रयास किया गया है, जो आपके दिल ही नहीं दिमाग को भी झंकृत कर देने में सक्षम होगा। मर्मस्पर्शी नए कथानक को नए स्टाइल में आपके समक्ष प्रस्तुत किया गया है। प्रेम के कई रंगों को समेटे ये पुस्तक कई काल्पनिक कहानियों का संग्रह है। आप सुधी पाठक एक बार इसे पढ़ें, सोचें फिर आप ही समझ कर बताएं कि क्या यहीं प्यार है ?
ISBN: 9789363702042ASIN: 9363702049