सहज भावों को व्यक्त करने का कविता सशक्त माध्यम है। जब जैसी अनुभूति होती है वैसी रचना स्वतः बन जाती है, प्रयत्न से केवल कुछ सुधार किया जा सकता है। कविता में सकारात्मकता हो और लोक कल्याण के कार्यों की प्रेरणा मिलती हो तो कलम की शक्ति की सार्थकता है। कविता में थोड़े से शब्दों में सटीक बात कह दी जाती है। इस पुस्तक में प्रायः मुक्त छन्द की सहज सरल भावोद्रेक की कविता है। इसमें सुधी पाठक भी अपनी भावना व मनोस्थिति के अनुसार रस व भाव का उद्रेक पायेंगे। शब्दों की अपनी शक्ति, मधुरता, सुगन्ध और लालित्य होता है। जीवन की विसंगतियों को कविता ही सरल बनाती है।