फकीरी से यारी | भावनाओं का रसीला समंदर और फकीरी की नाव
मनोजसाहनी(ManojSahani)
あらすじ
यह काव्य संग्रह आम जनमानस की मनोदशा व पारिवारिक भावनाओं पर आधारित है। अपनी कविताओं में लेखक ने सफलता हेतु प्रेरित करने के साथ-साथ मिट्टी के माध्यम से इंसानी जीवन के महत्व को समझाने की कोशिश की है। खण्डहर की दृष्टि और समाज के बदलते व्यवहार का उदाहरण देते हुए अच्छे और बुरे समय के प्रभावों का वर्णन भी कविताओं के माध्यम से किया गया है। एक पिता का अपनी बेटी के बचपन की यादों को संजोये रखने और एक पुत्र का अपनी माँ के त्याग एवं समर्पण का भावपूर्ण वर्णन कविताओं में देखने को मिलता है जो इस कविता संग्रह को प्रत्येक बेटी के पिता के लिए श्रेष्ठ कविता संग्रहों में से एक बनाता है। कवि द्वारा गरीब इंसान की व्यथा व इंसानी जीवन की समाज पर निर्भरता का उत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। अंत में सभी बातों का निष्कर्ष निकालते हुए कवि ने गृहस्थ जीवन में रहते हुए मन की फकीरी के माध्यम से परमात्मा से जुड़ने का तरीका समझाया है।