あらすじ
भगवान ! ये एक ऐसा शब्द है, जिसको सुनते ही मन में श्रद्धा और चमत्कार के भाव उत्पन्न होने लगते है। मन एक ऐसी कल्पना की दुनिया में चला जाता है। जहाँ भगवान रहते हैं ,वहां सिर्फ सुख ही सुख है। ज्ञान का प्रकाश चारों ओर फैला हुआ है। जहाँ कोई दुःख ,कोई पीड़ा नहीं है। हर मनुष्य बस यही सोचता है कि मुझे भगवान मिल जाएँ ,तो मैं उनसे वो सब कुछ माँग लूँ ,जो भी मुझे चाहिए। और पूरा जीवन सुखमय हो जाये। लेकिन क्या भगवान किसी को मिल सकते हैं। और अगर मिल सकते हैं तो कैसे और कहाँ ? इस प्रश्न का उत्तर आगे की यात्रा में छुपा हुआ है। जैसे जैसे यात्रा आगे बढ़ती जाएगी ,हम भगवान के निकट आते जायेंगे। और ये जान पाएंगे कि भगवान को कहाँ और कैसे पा सकते हैं।
ISBN: 9789360445621ASIN: 9360445622

