सागर और इंदु दो अनजान सख्श जिनके राह मिले थे जुदा होने के ख़ातिर,पर ये मिल के जुदा होना काश उतना ही आसान होता जितना की शब्दों मे होता है। दोनों का प्यार साहित्य था,फिर साहित्य प्रेम ने जगाया प्यार दोनों का दोनों के लिए, पर विडम्बना जो बहुत है उसे पढोगे आप किताब पढ़ने के दौरान। "प्यार मे पड़ाव बहुत होते है,इनका पड़ाव ये था कि इनकी प्यार का मिलन इस किताब के दौरान तो नहीं हो पाया ,वो मिल जाते अगर तो मोहब्बत पूरी हो जाती, पर अलग राह मे होके भी प्यार कम ना हुआ ,मिलने का रास्ता दिख नहीं रहा पर मिलने की आश कभी मिटा नहीं। "इसलिए ये इश्क पूरा है"
ISBN: 9789358509779ASIN: 9358509775
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