あらすじ
विलियम वर्ड्सवर्थ लिखते हैं कि- "काव्य प्रबल भावों का सहज उच्छलन है।" तो सुमित्रा नन्दन पंत का कहना है कि- "साहित्य अपने व्यापक अर्थ में, मानव जीवन की गम्भीर व्याख्या है।" सचमुच कविता गहन भावों की सूक्ष्म अभिव्यक्ति है। जो मानव के अन्तर्तम में दबे उद्गारों को, शब्दों का वाग्जाल लपेटे इस जहां में बड़ी बेबाकी से पदार्पण है। साहित्य के इन्हीं 'सहज उच्छलन', 'गम्भीर व्याख्या' तथा 'दबे उद्गारों' के विरलतम तन्तुओं को पकड़ने की एक सायास कोशिश की हैं सुमन बाला ने। उनका काव्य संग्रह 'कठपुतली' इस बात की तस्दीक़ करता है कि साहित्य हमेशा से इंसान का वरदहस्त रहा है।
ISBN: 9789358500813ASIN: 9358500816