あらすじ
यह पुस्तक कविताओं का एक संग्रह है, जो अकेलेपन, आत्मसंवाद, समाज, मौन, मृत्यु, प्रेम और आत्मबोध जैसे गहरे विषयों को छूती है। इन कविताओं का जन्म उस समय हुआ जब जीवन में प्रश्न अधिक थे और उत्तर बहुत कम। हर कविता मन के भीतर चल रहे संवाद का एक अंश है—जहाँ व्यक्ति स्वयं से मिलता है, स्वयं से लड़ता है और धीरे-धीरे स्वयं को समझने लगता है। यह पुस्तक किसी निष्कर्ष पर पहुँचाने के लिए नहीं लिखी गई, बल्कि पाठक को अपने भीतर झाँकने का अवसर देने के लिए लिखी गई है। यदि इन शब्दों में आपको अपने जीवन का कोई अंश दिखाई दे, तो यही इस पुस्तक का उद्देश्य है। यह सिर्फ कविताएँ नहीं, बल्कि एक यात्रा है— अकेलेपन से आत्मबोध तक की यात्रा। लेखक: अजय अहिरवार
ISBN: 9789356208995ASIN: 9356208999





