तू जिंदगी को जी, उसे समझने की कोशिश न कर! सुन्दर सपनो के ताने बाने बुन, उसमे उलझने की कोशिश न कर! चलते वक़्त के साथ तू भी चल, उसमे सिमटने की कोशिश न कर! अपने हाथो को फैला, खुल कर साँस ले, अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न कर! मन में चल रहे युद्ध को विराम दे, खामख्वाह खुद से लड़ने की कोशिश न कर! कुछ बाते भगवान् पर छोड़ दे, सब कुछ खुद सुलझाने की कोशिश न कर! जो मिल गया उसी में खुश रह, जो सकून छीन ले वो पाने की कोशिश न कर! रास्ते की सुंदरता का लुत्फ़ उठा, मंजिल पर जल्दी पहुंचने की कोशिश न कर! तू जिंदगी को जी, उसे समझने की कोशिश न कर! ज्योति मेहरा✍️🌹 ❤🌹💃