あらすじ
"पुस्तक के भाग एक के प्रस्तुत कहानी मैं एक निम्नवर्गीय परिवार को आधार बना कर अपने कथा तन्तुओ को बुनने का प्यास किया गया है प्रस्तुत कहानी मैं मंजू नाम की एक ग्रहणी है जो अपने तीन बच्चों और बूढे सास ससुर का एक मात्र सहारा है मंजू में परिस्थितियों से लड़ने की क्षमता, आत्मविश्वास और साहस कूट कूट कर भरा है, जो वर्तमान समय मैं बहुत कम देखने को मिलता है, परेशानियां बड़ी नहीं होती, बस हम उन्हें सुलझाने के बजह बढ़ाने मैं लगे रहते हैं कहानी मैं बारिश के चलते इंसानो के अलावा जानवरो की परेशानियों को दर्शाया गया है साथ ही कहानी मैं माँ की उस अनोखी ममता का वर्णन किया गया है जो अपने बच्चों को अपना ही पेट काट कर पालती है। पुस्तक के भाग दो मैं कुछ शायरीया प्रस्तुत की गयी है "
ISBN: 9789355356345ASIN: 935535634X