あらすじ
"“झिलमिल आँगन“ बुक्सक्लीनिक पब्लिशिंग द्वारा प्रकाशित की जा रही मेरी द्वितीय पुस्तक है, जो हिंदी की 105 कविताओं, 40 लघु कविताओं, 275 मुक्तकों, 170 दो-पंक्तियों, 166 हायकू, 25 क़ता और 50 अशार का कुल मिलाकर 800 से ऊपर रचनाओं का संग्रह है। पुस्तक में हर रस, हर अंदाज़, हर मौज़ू, हर मौके पर सरल हिंदी में लिखी रचनाएं हैं। जहां श्रृंगार, वीर, हास्य, रस की रचनाएं हैं, तो वहीं सामाजिक, राजनैतिक, कटाक्ष, व्यंग्यात्मक, भी इसमें सम्मिलित हैं। हर आयु-वर्ग के जीवन मे आए आयाम पर मैंने काफ़ी कुछ लिखने का प्रयास किया है। मिलन, विरह, एकाकीपन, आशा, निराशा, उदासीनता, प्रसन्नता, गंभीरता, आधुनिकता, आदर्शवादिता व प्रगतिशीलता आदि सभी विषयों को मैंने शामिल किया है। जापानी हायकू विधा पर आधारित 150 से ऊपर हिंदी हायकू को भी स्थान दिया है। आशा है मेरी पूर्व पुस्तक, “अजनबी के शायराना अंदाज़“ की भांति ये दूसरी पुस्तक भी पाठकों को पसंद आएगी और मुझे उनका आशीर्वाद मिलेगा। - “अजनबी“ "