あらすじ
केशव भौरिया का जन्म 1 जूलाई 2002 को हरियाणा के (पानीपत) जिले के गाँव डाहर मे एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा उनके गाँव मे ही हुई। उनको बचपन से ही कविता लेखन का बहुत षौंक है। उनहोने कविता लेखन मे अनेक पुरस्कार प्राप्त किए उनकी रचनायें बहूमुखी है। उनहोनें हिन्दी कविता, हिन्दी गजल उर्दू ग़ज़ल, नजम, शायरी भजन और देहाती गीतों की भी रचना की केशव भौरिया मोहब्बत के कवि हैं। उनकी अनेक रचनाओं मे हमे मोहब्बत साफ साफ मचलती हुई नजर आती है इनकी रचनाओं में हमे विरह तड़पन और विष्वास भली भाँति नजर आ जायेगा। केशव भौरिया की काव्यशैली हिंदी उर्दू मिलिजुली काव्यशैली है (इस कदर आया वो जींदगी मे मेरी हर बिछड़ी खुशी से मिला गया मुझे एक पतथर का वजूद था मेरा वो तराश कर हिरा बना गया मुझे) केशव अपने आराध्य देव भगवान श्री कृष्ण को मानते हैं और अपने आराध्य के भक्तिमय भजनों की भी रचना करते है।