あらすじ
इस पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• की अधिकतर कहानियाठउस समय लिखी गईं जब मैं जयपà¥à¤° के à¤à¤• कॉलेज से हिनà¥à¤¦à¥€ और इंगà¥à¤²à¤¿à¤¶ लिटà¥à¤°à¥‡à¤šà¤° में बी. à¤. करके आया ही था. उस समय जहाठमैंने हिनà¥à¤¦à¥€ लिटà¥à¤°à¥‡à¤šà¤° में चतà¥à¤°à¤¸à¥‡à¤¨ शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€, जय शंकर पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦, सूरà¥à¤¯à¤•ांत तà¥à¤°à¤¿à¤ªà¤¾à¤ ी ‘निराला’ तथा मà¥à¤‚शी पà¥à¤°à¥‡à¤® चनà¥à¤¦ को पढ़ा था, वहाठइंगà¥à¤²à¤¿à¤¶ लिटà¥à¤°à¥‡à¤šà¤° में रॉबरà¥à¤Ÿ बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨à¤¿à¤‚ग, जॉन कीटà¥à¤¸, वरà¥à¤¡à¥à¤¸à¤µà¤°à¥à¤¥, शेकà¥à¤¸à¤ªà¤¿à¤¯à¤° और चारà¥à¤²à¥à¤¸ डिकà¥à¤¨à¥à¤¸ जैसे लेखकों को पढ़ने का à¤à¥€ अनà¥à¤à¤µ हà¥à¤†. इसलिठमेरी कà¥à¤› कहानियों में इनके लेखों के कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¸à¤‚ग पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करने की मà¥à¤à¥‡ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ मिली. आशा है आपको à¤à¥€ इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पढ़ना रà¥à¤šà¤¿à¤•र लगेगा.
