あらすじ
यह आत्मकथा स्मित फाउंडेशन के उन सभी दाताओं को समर्पित है, जिन्होंने तन, मन और धन से इस सेवाभावी कार्य को नई जीवनशक्ति दी। उनकी नि:स्वार्थ सहायता के कारण ही आज स्मित फाउंडेशन अनेक जीवन में आशा की किरण बन सका है। स्मित फाउंडेशन की स्थापना करते समय मेरा सपना था—समाज के वंचित वर्गों के लिए ऐसा व्यापक उपक्रम खड़ा करना, जो वृद्धजनों, अनाथों और ज़रूरतमंदों को सहारा देकर उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर दे। साथ ही महिला सशक्तिकरण, बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करना भी मेरा संकल्प था। शून्य से शुरू हुई यह यात्रा आज एक विशाल वटवृक्ष के रूप में आपके सामने खड़ी है। इस राह में अनेक कठिनाइयाँ आईं । कभी आर्थिक संकट, कभी पारिवारिक समस्याएँ, तो कभी समाज का विरोध। लेकिन आपके सहयोग, मार्गदर्शन और विश्वास ने हर बार मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। आपकी प्रेरणा ने ही इस फाउंडेशन के कार्य को सही दिशा दी और इसका प्रभाव और भी व्यापक हो सका।