हिंदुस्तान के इतिहास में १० मई १८५७ का दिन एक ऐसा ही दिन था, जो हमेशा याद रहेगा। आजादी की लड़ाई का वह एक जोशीला दिन था। उस दिन के चौबीस घंटों में आजादी की पहली लड़ाई की बहादुरी का दर्शन हुआ। दिल्ली के पास मेरठ में उस दिन असंतोष की आग भड़क उठी। उस दिन जनविद्रोह की आग ने गंगा-जमुना के सारे इलाके को चपेट में ले लिया।