あらすじ
आज अपने सभी पाठकों को ये कविता संग्रह 'जिन्दगी' समर्पित करते हुए मुझे बहुत प्रसन्ता महसूस हो रही है, सत्रह साल की उम्र में जब मैंने अपनी पहली कविता लिखी, तब नहीं सोचा था कि एक दिन इसे संग्रहित कर एक पुस्तक का रुप दे पाऊँगी। फिर कुछ सालों तक लिखते हुए मन में यह विचार आया कि इन कविताओं को अन्य लोगों तक पहुँचाना चाहिए। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक वैश्य परिवार में मेरा जन्म हुआ। मेरे पिता स्वर्गीय श्री कृष्ण कुमार सिंघल जिन्होंने हमेशा मुझे पढ़ने और लिखने के लिए प्रोत्साहित किया। लखनऊ के मशहूर विद्यालय सि०टी० मान्टेसरी स्कूल से अपनी प्रारम्भिक शिक्षा लेने के बाद मैंने आई०टी० कॉलेज से बी०एस०सी० की शिक्षा प्राप्त की और फिर आगे की पढ़ाई के लिए मेरठ का रुख किया। शुरू से ही पढ़ाई को और उच्च शिक्षा को ही अपना लक्ष्य रखा। कविताएं लिखने का सिलसिला जो 1996 में शुरू हुआ वो अभी तक जारी है।