जयपुर निवासी उर्जावान कवयित्री श्रीमती उर्मिला रईवाल द्वारा लिखित स्त्री मन के विचारो की श्रंखला है 'ज्वाला'..... जिसमे कवयित्री ने बड़े ही मार्मिक शब्दों में स्त्री मन की व्यथा कथा काव्य रूप में पिरोई है जिसमे दर्द भी है घुटन भी है आजादी भी है और प्रेम भी है.....गागर में सागर भरते हुए कहा जा सकता है कि इस पुस्तक में नारी मन की पीड़ा को विभिन रूपों में प्रस्तुत किया गया है...